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Tum To Thehre Pardesi Lyrics from Tum Toh Thehre Pardesi(1998) album Tum To Thehre Pardesi Lyrics writer is Jahir Alam and Altaf Raja sing this song.

Song: Tu To Thehre Pardesi
Movie/Album: Tum Toh Thehre Pardesi(1998)
Singer: Altaf Raja
Lyrics By: Jahir Alam
Music By: Mohammed Shafi Niyazi

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Tum To Thehre Pardesi Lyrics

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Tum To Thehre Pardesi Lyrics

—गाना—
तुम तो ठहरे परदेसी,
[ तुम तो ठहरे परदेसी, साथ क्या निभाओगे ]

—कोरस—
[ तुम तो ठहरे परदेसी, साथ क्या निभाओगे
तुम तो ठहरे परदेसी, साथ क्या निभाओगे ]

—गाना—
[ तुम तो ठहरे परदेसी, साथ क्या निभाओगे ]
—कोरस—
[ तुम तो ठहरे परदेसी, साथ क्या निभाओगे ]

—गाना—
[ तुम तो ठहरे परदेसी, साथ क्या निभाओगे ]
सुबह पहली, सुबह पहली,
[ सुबह पहली गाड़ी से, घर को लौट जाओगे ]

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—कोरस—
[ सुबह पहली गाड़ी से, घर को लौट जाओगे ]

तुम तो ठहरे परदेसी, साथ क्या निभाओगे…

[ अन्‍तरा ]

—गाना—
जब तुम्हें अकेले में मेरी याद आएगी

—कोरस—
(जब तुम्हें अकेले में मेरी याद आएगी)

—शेर—
(खिंचे खिंचे हुए रहते हो, ध्यान किसका है
ज़रा बताओ तो ये इम्तेहान किसका है
हमें भुला दो मगर ये तो याद ही होगा
नई सड़क पे पुराना मकान किसका है)

—कोरस—
[ जब तुम्हें अकेले में मेरी याद आएगी ]

—गाना—
जब तुम्हें अकेले में मेरी याद आएगी
आँसुओं की , आँसुओं की ,
आँसुओं की बारिश में तुम भी भीग जाओगे

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—कोरस—
(आँसुओं की बारिश में तुम भी भीग जाओगे)

—गाना—
तुम तो ठहरे परदेसी, साथ क्या निभाओगे

—अन्‍तरा—

—गाना—
ग़म की धूप में दिल की हसरतें न जल जाएं

—कोरस—
(ग़म की धूप में दिल की हसरतें न जल जाएं)

—शेर—
(तुझको देखेंगे सितारे तो ज़िया मांगेंगे
और प्यासे तेरी जुल्फों से घटा मांगेंगे
अपने कांधे से दुपट्टा न सरकने देना
वरना बूढ़े भी जवानी की दुआ मांगेंगे (ईमान से))

—कोरस—
(ग़म की धूप में दिल की हसरतें न जल जाएं)

—गाना—
ग़म की धूप में दिल की हसरतें न जल जाएं
गेसुओं के साए में कब हमें सुलाओगे)

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—कोरस—
(गेसुओं के साए में कब हमें सुलाओगे)

तुम तो ठहरे परदेसी… साथ क्या निभाओगे…

[अन्‍तरा ]

—गाना—
मुझको क़त्ल कर डालो शौक़ से मगर सोचो

—कोरस—
(गेसुओं के साए में कब हमें सुलाओगे)

—शेर—
(इस शहर-ए-नामुराद की इज़्ज़त करेगा कौन
अरे हम भी चले गए तो मुहब्बत करेगा कौन
इस घर की देखभाल को वीरानियां तो हों
जाले हटा दिये तो हिफ़ाज़त करेगा कौन)

—कोरस—
(मुझको क़त्ल कर डालो शौक़ से मगर सोच)

—गाना—
मुझको क़त्ल कर डालो शौक़ से मगर सोच
मेरे बाद, मेरे बाद,
मेरे बाद तुम किस पर ये बिजलियां गिराओगे

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—गाना—
तुम तो ठहरे परदेसी…साथ क्या निभाओगे

[अन्‍तरा]

—गाना—
यूं तो ज़िंदगी अपनी मैकदे में गुज़री है

—कोरस—
(यूं तो ज़िंदगी अपनी मैकदे में गुज़री है)

—शेर—
(अश्क़ों में हुस्न-ओ-रंग समोता रहा हूँ मैं
आंचल किसी का थाम के रोता रहा हूँ मैं
निखरा है जा के अब कहीं चेहरा शऊर का
बरसों इसे शराब से धोता रहा हूँ मैं)

—कोरस—
(यूं तो ज़िंदगी अपनी मैकदे में गुज़री है)

—शेर—
(बहकी हुई बहार ने पीना सिखा दिया
पीता हूँ इस गरज़ से के जीना है चार दिन
मरने के इंतज़ार ने पीना सीखा दिया)

—कोरस—
(यूं तो ज़िंदगी अपनी मैकदे में गुज़री है)

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—गाना—
यूं तो ज़िंदगी अपनी मैकदे में गुज़री है
इन नशीली, इन नशीली,
इन नशीली आँखों से कब हमें पिलाओगे

—कोरस—
(इन नशीली आँखों से कब हमें पिलाओगे)

तुम तो ठहरे परदेसी… साथ क्या निभाओगे

[अन्‍तरा]
—गाना—
क्या करोगे तुम आखिर कब्र पर मेरी आकर

—कोरस—
(क्या करोगे तुम आखिर कब्र पर मेरी आकर)

—गाना—
क्या करोगे तुम आखिर कब्र पर मेरी आकर

जब तुम से इत्तेफ़ाकए,
जब तुम से इत्तेफ़ाकन मेरी नज़र मिली थी
अब याद आ रहा है, शायद वो जनवरी थी

तुम यूं मिलीं दुबारा, फिर माह-ए-फ़रवरी में
जैसे कि हमसफ़र हो, तुम राह-ए-ज़िंदगी में

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कितना हसीं ज़माना, आया था मार्च लेकर
राह-ए-वफ़ा पे थीं तुम, वादों की टॉर्च लेकर

बाँधा जो अहद-ए-उल्फ़त अप्रैल चल रहा था
दुनिया बदल रही थी मौसम बदल रहा था

लेकिन मई जब आई, जलने लगा ज़माना
हर शख्स की ज़ुबां पर, था बस यही फ़साना

दुनिया के डर से तुमने, बदली थीं जब निगाहें
था जून का महीना, लब पे थीं गर्म आहें

जुलाई में जो तुमने, की बातचीत कुछ कम
थे आसमां पे बादल, और मेरी आँखें पुरनम

माह-ए-अगस्त में जब, बरसात हो रही थी
बस आँसुओं की बारिश, दिन रात हो रही थी

कुछ याद आ रहा है, वो माह था सितम्बर
भेजा था तुमने मुझको, तर्क़-ए-वफ़ा का लेटर

तुम गैर हो रही थीं, अक्टूबर आ गया था
दुनिया बदल चुकी थी, मौसम बदल चुका था

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जब आ गया नवम्बर, ऐसी भी रात आई
मुझसे तुम्हें छुड़ाने, सजकर बारात आई

बेक़ैफ़ था दिसम्बर, जज़्बात मर चुके थे
मौसम था सर्द उसमें, अरमां बिखर चुके थे

—गाना—
लेकिन ये क्या बताऊं, अब हाल दूसरा है

—कोरस—
(लेकिन ये क्या बताऊं, अब हाल दूसरा है
लेकिन ये क्या बताऊं, अब हाल दूसरा है )

—गाना—
लेकिन ये क्या बताऊं, अब हाल दूसरा है
अरे वो साल दूसरा था, ये साल दूसरा है

—कोरस—
(वो साल दूसरा था, ये साल दूसरा है)

—गाना—
क्या करोगे तुम आखिर,
क्या करोगे तुम आखिर कब्र पर मेरी आकर
थोड़ी देर, थोड़ी देर,
थोड़ी देर रो लोगे, और भूल जाओगे

—कोरस—
(थोड़ी देर रो लोगे, और भूल जाओगे
थोड़ी देर रो लोगे, और भूल जाओगे)

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—गाना—
तुम तो ठहरे परदेसी…साथ क्या निभाओगे

—कोरस—
(तुम तो ठहरे परदेसी…साथ क्या निभाओगे)

—गाना—
सुबह पहली गाड़ी से, घर को लौट जाओगे

—कोरस —
सुबह पहली गाड़ी से, घर को लौट जाओगे
[ सुबह पहली गाड़ी से, घर को लौट जाओगे ]

Tum To Thehre Pardesi Lyrics End…

1 thought on “Tum To Thehre Pardesi Lyrics Hindi| Altaf Raja”

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